🧑⚖️ नाम:
डॉ. राजेंद्र प्रसाद
🗓️ जन्म:
3 दिसंबर 1884
स्थान: जीरादेई, जिला सारण (अब सिवान), बिहार
🧑🎓 शिक्षा:
प्रारंभिक शिक्षा: छपरा जिला स्कूल
उच्च शिक्षा: कोलकाता विश्वविद्यालय से कानून में डॉक्टरेट
प्रतिष्ठित विद्यार्थी, कई परीक्षाओं में टॉप किया
🇮🇳 स्वतंत्रता संग्राम में योगदान:
महात्मा गांधी के नेतृत्व में असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया
उन्होंने अपने जीवन का अधिकांश समय स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक कार्यों में लगाया
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में सक्रिय भूमिका
🏛️ भारत के पहले राष्ट्रपति:
कार्यकाल: 26 जनवरी 1950 – 13 मई 1962
भारत के एकमात्र राष्ट्रपति जिन्हें दो बार चुना गया
बेहद सादगीपूर्ण, ईमानदार और विनम्र व्यक्तित्व
राष्ट्रपति रहते हुए भी गांधीजी की विचारधारा और सरलता का पालन किया
📝 अन्य उपलब्धियाँ:
संविधान सभा के अध्यक्ष के रूप में संविधान निर्माण में अहम भूमिका निभाई
‘आत्मकथा’, ‘भारत का विभाजन’ जैसी किताबें लिखीं
भारतीय राजनीति और शिक्षा में योगदान के लिए याद किए जाते हैं
🕯️ निधन:
28 फरवरी 1963, पटना, बिहार
🌟 स्मरणीय बातें:
डॉ. राजेंद्र प्रसाद को “बिहार विभूति” भी कहा जाता है
उन्होंने सच्चे अर्थों में “जनता के राष्ट्रपति” की मिसाल पेश की
आज भी उनकी सादगी और देशभक्ति प्रेरणा का स्रोत है

