रा नाम: प्रशांत किशोर
जन्म: वर्ष 1977 (जिला बक्सर, बिहार, भारत)
पेशा: चुनावी रणनीतिकार, राजनेता, पूर्व-जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ


प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

प्रशांत किशोर का जन्म बिहार के बक्सर जिले के एक छोटे से गाँव में हुआ।

उनके पिता डॉक्टर थे और वे एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं।

शुरुआती पढ़ाई बिहार में हुई, इसके बाद उन्होंने इंजीनियरिंग और जनस्वास्थ्य (Public Health) से जुड़ी पढ़ाई की।


करियर की शुरुआत

शुरुआत में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (UN) और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों में जनस्वास्थ्य विशेषज्ञ के रूप में काम किया।

2011 में भारत लौटकर उन्होंने चुनावी रणनीतियों पर काम करना शुरू किया।


चुनावी रणनीतिकार के रूप में पहचान

2011-12 में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए “चाय पर चर्चा” और अन्य कैंपेन चलाकर 2014 लोकसभा चुनाव में बड़ी जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

2015 में बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार के लिए “बिहार में बहार है, नीतीशे कुमार है” कैंपेन चलाया, जिससे महागठबंधन को भारी जीत मिली।

इसके बाद उन्होंने पंजाब, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में भी कई पार्टियों को चुनाव जिताने में मदद की।


राजनीति में प्रवेश

2018 में उन्हें जनता दल (यूनाइटेड) में उपाध्यक्ष बनाया गया, लेकिन 2020 में मतभेदों के कारण पार्टी छोड़ दी।

2022 में उन्होंने “जन सुराज” नाम से बिहार में एक नई राजनीतिक पहल शुरू की, जिसमें वे पूरे बिहार में पदयात्रा कर रहे हैं और जनता से सीधे संवाद कर रहे हैं।


खास बातें

प्रशांत किशोर को भारत का सबसे सफल चुनावी रणनीतिकार माना जाता है।

उन्हें “PK” नाम से भी जाना जाता है।

उनकी रणनीतियां डेटा, जमीनी सर्वे और सोशल मीडिया कैंपेन पर आधारित होती हैं।